मोटिवेशनल गुरू की भूमिका में नजर आए बीकानेर कलक्टर

February 9, 2019 12:34 pm
बीकानेर जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम कल मोटिवेशनल गुरू की तरह नजर आए। नगर विकास न्यास सभागार में अधिकारियों, कर्मचारियों की क्लास लेते हुए गौतम ने कहा कि न्यास में नियोजित कर्मचारी, अधिकारी बहुत योग्य और क्षमताएं रखने वाले हैं। बस आवश्यकता अपनी क्षमताओं में विश्वास रखते हुए हुए, स्वयं में इस पॉजिटीविटी को बनाए रखते हुए कार्य करने की है। तभी न्यास की छवि सुधारी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई और शहर में भ्रमण के दौरान उन्हें लोगों से यूआईटी के लेटलतीफ रवैए और लापरवाही की शिकायत मिलती है। लोगों में इस संस्था की छवि नकारात्मक है। इस इमेज को अपने काम के जरिए बदलना होगा। उन्होंने कहा कि अधिकारी, कर्मचारियों को बिना किसी प्रलोभन के पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता से कार्य करना है। पूर्व में जितने भी प्रकरण बकाया है उन्हें प्राथमिकता से निस्तारित करें जिससे जनता का इस संस्था में भरोसा पुनः कायम हो सके।
अपना शत-प्रतिशत देते हुए करें कार्य
जिला कलक्टर और यूआईटी चेयरमैन ने कहा कि यदि यूआईटी में नियोजित किसी तकनीकी या मंत्रालयिक कर्मचारी को ऐसा महसूस होता है कि वह अपनी सीट पर बेहतर परिणाम नहीं दे पा रहा है तो वह अपनी रूचि अनुसार सीट बदलने के लिए कह सकता है। उन्होंने कहा कि यूआईटी अपनी कार्यशैली बदले और यह स्पष्ट संदेश दे कि यहां त्वरित व पारदर्शिता पूर्ण कार्य होता है। यूआईटी चैयरमेन ने कहा कि यदि कोई कार्य नियमानुसार संभव नहीं होता है तो ऐसे प्रकरणों में सम्बंधित व्यक्ति को कारण सहित त्वरित जवाब प्रस्तुत करें जिससे सम्बंधित के मन में संस्था की छवि खराब न हो। पुराने ढीले सिस्टम को बंद करते हुए अपना शतप्रतिशत देकर न्यास को बुलंदी पर पहुंचाएं।  उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था का विकास, भविष्य उसके कर्मचारी, अधिकारी तय करते हैं। अतः अपनी कर्मशैली से सकारात्मक माहौल का निर्माण करते हुए बीकानेरवासियों को राहत पहुंचाएं।