आर्यिका विज्ञाश्री ससंघ का प्रताप नगर में हुआ मंगल प्रवेश

February 10, 2019 10:43 am
जयपुर शहर के दक्षिण भाग स्थित सांगानेर संभाग के प्रताप नगर सेक्टर 3 के पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में पूज्य गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ससंघ का शोभायात्रा के साथ प्रातः 9 बजे मंगल प्रवेश हुआ।
मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि आर्यिका संघ ने प्रातः 7.30 बजे एयरपोर्ट सर्किल स्थित चित्रकूट कॉलोनी के दिगम्बर जैन मंदिर से विहार यात्रा प्रारम्भ करते हुए टोंक रोड़ होते हुए सांगानेर फ्लाई ओवर होते हुए सेक्टर 3 प्रताप नगर दिगम्बर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश किया। इस दौरान टोंक रोड़ पर सेक्टर 3 मन्दिर समिति के पदाधिकारी एवं सकल जैन समाज ने बेंड – बाजों और जयकारों के साथ मंगल अगवानी की और शोभायात्रा के साथ नगर में मंगल प्रवेश करवाया, इस शुभवासर पर जगह – जगह श्रद्धालुओ ने आर्यिका संघ की पाद प्रक्षालन एवं आरती कर अगवानी की और रत्न व पुष्प वृष्टि की, आर्यिका संघ के नगर प्रवेश से उत्साही श्रद्धालुओं की भक्ति ने नगर का वातावरण जयकारों की दिव्य गूंज के साथ भक्तिमय कर दिया और सभी श्रद्धालु श्रद्धा-भक्ति के रस में सरोबर होकर मंगल गीत गाते हुए नाचते हुए अगवानी कर रहे थे।
जुड़ने के साथ जोड़ने की ताकत बनाओ – आर्यिका विज्ञाश्री
प्रताप नगर सेक्टर 3 दिगम्बर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश के पश्चात गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने अपने उद्धगार मे कहा कि आज का प्राणी अहंकार में रिश्तों की मिठास को ठोकर मार वहम में जीवन जी रहा है, जबकि यह वहम की जिंदगी केवल रास्तों की कठनाई बढ़ा रही है उसे जानते हुए इंसान अहम में जी रहा है। आज अगर जीवन मे कुछ सरल है तो वह केवल अपना व्यवहार है, व्यवहार की औषधि को जिस किसी ने भी ग्रहण किया है, उसे वैसी ही ख्याति से गुजरने का अवसर पाया है। आज इंसान को जीवन मे जहां मिठास का रस घोलना चाहिए उसकी जगह कटवाहत का जहर घोला जा रहा है। जबकि आज के दौरन में इंसान को इंसान से जुड़ने की जितनी आवश्यकता है उतनी ही आवश्यकता इंसान को जोड़ने की और इंसान से जुड़ने की रहनी चाहिए।